Thursday, October 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home इंडिया

UPI फीस अगले साल तक टाली जा सकती है; Paytm के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, दूसरी पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट

News Desk by News Desk
October 8, 2026
in इंडिया
0
UPI फीस अगले साल तक टाली जा सकती है; Paytm के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, दूसरी पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली

देश में 2,000 रुपये से ज्‍यादा के UPI ट्रांजैक्‍शन पर 15 अक्‍टूबर से लगने वाले MDR चार्ज को इस साल टाला जा सकता है. व्‍यापारियों के संगठनों ने इस संबंध में NPCI को प्रस्‍ताव भेजा है. व्‍यापारियों ने आग्रह किया है कि 15 अक्‍टूबर से लागू होने वाले UPI-MDR चार्ज को फेस्टिव सीजन या फिर इससे भी आगे 31 दिसंबर तक टाल‍ दिया जाए. आग्रह है कि अगले साल की शुरुआत से ये चार्ज लागू किया जाए। 

हालांकि, NPCI ने सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है.सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है. अगर व्‍यापारिक संगठनों का प्रस्‍ताव मान लिया जाता है तो ये व्‍यापारियों के लिए त्‍यौहारों के मौसम में बड़ी राहत होगी. कारण कि इस दौरान बंपर सेल होती है और बड़ी संख्‍या में लोग UPI से शॉपिंग करते है। 

वित्त मंत्री से भी किया गया है आग्रह 
 एक बड़े व्‍यापारिक सूत्र ने बताया कि व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री से  UPI लेनदेन पर MDR लगाने को टालने का आग्रह किया है. ट्रेडर्स ने वित्त मंत्री से अपील की है कि UPI के पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR के प्रस्ताव को 6 हफ्ते के लिए टाल दिया जाए। 

वित्त मंत्री को दिए एक लिखित मेमोरेंडम में व्यापारी संगठनों ने कहा है कि MDR को लेकर व्यापारियों में  संशय की स्थिति है. इसलिए इसे लागू करने की तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 किया जाए। 

कितना MDR देना होगा?
पिछले महीने यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी ने ₹2,000 से ज्यादा के कुछ लेनदेन पर 0.4 फीसदी यानी 40 बेसिस प्वाइंट MDR तय किया था. MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट की प्रक्रिया के लिए मर्चेंट की तरफ से संबंधित बैंक या भुगतान व्यवस्था से जुड़े पक्षों को दिया जाता है. आसान उदाहरण से समझें तो ₹2,000 के लेनदेन पर 0.4 फीसदी के हिसाब से ₹8 और ₹10,000 के लेनदेन पर ₹40 का शुल्क बनता है. हालांकि यह शुल्क किन लेनदेन पर लागू होगा और किस श्रेणी में कितनी दर होगी, यही फिलहाल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी उलझन बनी हुई है। 

जनवरी तक टालने की मांग क्यों?
पेमेंट इंडस्ट्री का कहना है कि यूपीआई में कार्ड पेमेंट की तरह एक समान फी स्ट्रक्चर नहीं है. यूटिलिटी बिल, लोन की किस्त और कैपिटल मार्केट से जुड़े लेनदेन के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं. इन अलग-अलग श्रेणियों और उनके नियमों को लेकर कंपनियों और मर्चेंट्स के बीच भ्रम है. यही वजह है कि पेमेंट इंडस्ट्री से जुड़े कई संगठन चाहते हैं कि नई व्यवस्था को लागू करने से पहले तैयारी के लिए कुछ और समय दिया जाए। 

फेस्टिव सीजन भी बड़ी वजह
15 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होने की तारीख ऐसे समय पड़ रही है, जब देश में त्योहारी खरीदारी शुरू हो चुकी होगी. एक सूत्र के मुताबिक, पेमेंट इंडस्ट्री के कई निकायों और मर्चेंट्स ने NPCI से कहा है कि MDR लागू करने की तारीख को फेस्टिव सीजन खत्म होने तक टाल दिया जाए. इंडस्ट्री को चिंता है कि महंगाई के दबाव के बीच त्योहारी बिक्री के दौरान कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है. इसका असर उनकी कमाई और ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है. यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ कारोबारी MDR का बोझ किसी न किसी तरीके से ग्राहकों पर डालने की कोशिश कर सकते हैं। 

UPI और कार्ड पेमेंट में क्या फर्क?
कार्ड पेमेंट में हर मर्चेंट की एक कैटेगरी होती है. कार्ड नेटवर्क इसी आधार पर लेनदेन को प्रोसेस और उसकी जांच करते हैं. कार्ड में MDR की दरें भी अपेक्षाकृत एक जैसी व्यवस्था में होती हैं. यूपीआई में स्थिति थोड़ी अलग है. यहां अलग-अलग तरह के पेमेंट के लिए अलग नियम और शुल्क की व्यवस्था बनाई गई है. इनमें से कुछ ऐसे भुगतान भी हैं, जिन्हें कार्ड के जरिए किया ही नहीं जा सकता. यूपीआई के लोकप्रिय होने से पहले लोन की किस्त या कैपिटल मार्केट से जुड़े कई भुगतान नेट बैंकिंग, IMPS, NEFT और RTGS जैसे माध्यमों से किए जाते थे. इन माध्यमों पर शुल्क की अलग व्यवस्था थी। 

लोन रीपेमेंट को लेकर सबसे ज्यादा उलझन
लोन की किस्त के भुगतान को लेकर भी MDR व्यवस्था में पेमेंट इंडस्ट्री के बीच सवाल हैं. कुछ मामलों में बैंक पैसे भेजने वाले और पाने वाले, दोनों पक्षों से शुल्क लेते थे. कैपिटल मार्केट से जुड़े पक्षों का तर्क है कि ब्रोकिंग अकाउंट में पैसे डालना पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पेमेंट की तरह है. इसलिए ब्रोकिंग कंपनियों पर MDR नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह के लेनदेन से उन्हें सीधे कमाई नहीं होती। 

मैनुअल लोन पेमेंट पर भी सवाल
छोटी रकम वाले कई लोन में ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है. इसकी एक वजह यह होती है कि ग्राहक के बैंक खाते में तय समय पर पर्याप्त बैलेंस नहीं होता. इसके बाद ग्राहक खुद मैनुअल तरीके से लोन की किस्त जमा करता है. यहीं से नया सवाल खड़ा होता है. मैनुअल पेमेंट को फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन पेमेंट माना जाता है, तो उस पर 0.4 फीसदी MDR लग सकता है. वहीं NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे पेमेंट पर ₹5 की फ्लैट फीस का प्रावधान है. अब बैंक और पेमेंट एग्रीगेटर्स के सामने यह सवाल है कि लोन रीपेमेंट और सामान्य फाइनेंशियल सर्विस ट्रांजैक्शन में अंतर कैसे किया जाए. इसी वजह से नई व्यवस्था के लागू होने से पहले नियमों को लेकर और स्पष्टता की मांग की जा रही है। 

अब NPCI के फैसले पर नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 अक्टूबर से MDR लागू होगा या इसे जनवरी 2027 तक टाल दिया जाएगा. इंडस्ट्री की मांग NPCI तक पहुंच चुकी है और वित्त मंत्रालय के साथ भी चर्चा जारी बताई जा रही है. अगर NPCI तारीख नहीं बदलता है, तो तय नियम के मुताबिक 15 अक्टूबर से पात्र ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू हो जाएगा. वहीं अगर मांग स्वीकार होती है, तो कारोबारियों और पेमेंट कंपनियों को तैयारी के लिए कुछ और समय मिल सकता है. अब अगले दो दिनों में NPCI के फैसले पर सबकी नजर है. इसी से साफ होगा कि 15 अक्टूबर की डेडलाइन बरकरार रहती है या यूपीआई MDR पर जनवरी 2027 तक राहत मिलती है। 

UPI-MDR चार्ज पर क्‍या है प्रस्‍ताव? 
NPCI के मुताबिक, 2,000 रुपये से ऊपर के पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजैक्‍शन पर 0.4 % का MDR चार्ज लागू किया जाना है। 

इस हिसाब से 75,000 रुपये के लेनदेन पर चार्ज 300 रुपये बनते हैं.हालांकि एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन रखी गई है। 

ऐसे में 75,000 रुपये से ऊपर के जो भी ट्रांजैक्‍शन होंगे, उनपर अधिकतम यानी 300 रुपये MDR चार्ज लिए जाने का प्रावधान है। 

2,000 रुपये से ऊपर हर ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं?
2,000 रुपये से ज्यादा के सिर्फ तय Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा. सामान्य दर 0.4% होगी, जबकि 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR 300 रुपये होगा। 

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी सेक्टरों में 2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर सिर्फ 5 रुपये का फ्लैट MDR होगा। 

अहम बात ये है कि ग्राहक से MDR नहीं लिया जाएगा. बैंकों को निर्देश दिया गया है कि व्यापारी इसका बोझ ग्राहकों पर न डालें। 

96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं
सरकार के मुताबिक, करीब 96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे. ₹2,000 तक के सभी UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा। 

इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI पेमेंट किसी भी रकम पर फ्री रहेगा. छोटे व्यापारियों को UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख तक मिलने वाली रकम पर भी MDR नहीं लगेगा. RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी MDR शून्य रहेगा। 

Previous Post

भुवनेश्वर की वापसी के बाद शमी-सिराज पर नजर, 2027 वर्ल्ड कप में कौन होंगे भारत के 3 तेज गेंदबाज?

Next Post

IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

News Desk

News Desk

Next Post
IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

October 8, 2026
IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

October 8, 2026
UPI फीस अगले साल तक टाली जा सकती है; Paytm के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, दूसरी पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट

UPI फीस अगले साल तक टाली जा सकती है; Paytm के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, दूसरी पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट

October 8, 2026
भुवनेश्वर की वापसी के बाद शमी-सिराज पर नजर, 2027 वर्ल्ड कप में कौन होंगे भारत के 3 तेज गेंदबाज?

भुवनेश्वर की वापसी के बाद शमी-सिराज पर नजर, 2027 वर्ल्ड कप में कौन होंगे भारत के 3 तेज गेंदबाज?

October 8, 2026

Recent News

शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

October 8, 2026
IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

October 8, 2026
UPI फीस अगले साल तक टाली जा सकती है; Paytm के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, दूसरी पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट

UPI फीस अगले साल तक टाली जा सकती है; Paytm के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, दूसरी पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट

October 8, 2026
भुवनेश्वर की वापसी के बाद शमी-सिराज पर नजर, 2027 वर्ल्ड कप में कौन होंगे भारत के 3 तेज गेंदबाज?

भुवनेश्वर की वापसी के बाद शमी-सिराज पर नजर, 2027 वर्ल्ड कप में कौन होंगे भारत के 3 तेज गेंदबाज?

October 8, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ साफ; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

October 8, 2026
IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

IPL 2027 से पहले प्रीति जिंटा की टीम में बड़ा बदलाव, रिकी पोंटिंग के 2 करीबी हुए बाहर

October 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.