Friday, October 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home इंडिया

आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु…..

News Desk by News Desk
October 23, 2026
in इंडिया
0
आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु…..
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

रायपुर: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित मुरिया दरबार में आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरागत सामाजिक व्यवस्था और सामूहिक निर्णय प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय, आपसी सहयोग और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि समय के साथ शासन व्यवस्था, नीतियां और कानून बदलते रहते हैं, लेकिन आदिवासी समाज ने अपनी परंपराओं, सामाजिक नियमों और अलिखित संविधान को पीढ़ियों से जीवित रखा है। यह व्यवस्था समाज में सुख-शांति, प्रेम, सद्भाव और सामूहिकता बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने मुरिया दरबार में उपस्थित आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और पारंपरिक प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने मुझे एक बार फिर अपनी संस्कृति और परंपराओं से रूबरू होने का अवसर दिया है। इसके लिए मैं आप सभी की आभारी हूं। उन्होंने कहा कि मैं भी इसी आदिवासी संस्कृति और परंपरा से आती हूं। मेरे दादाजी मांझी थे, मेरे पिताजी भी मांझी थे और मेरे भाई भी मांझी हुआ करते थे। मैं एक मांझी की बेटी हूं, गांव के मुखिया की बेटी हूं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्य आज भले ही उनके बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और परंपराओं के प्रति उनका जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है।

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति ने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था की सराहना की

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि देश में पहले राजाओं का शासन था, इसके बाद अंग्रेजों का शासन आया और आज भारत में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है। समय के साथ शासन व्यवस्था और कानूनों में परिवर्तन हुआ है, लेकिन आदिवासी समाज की अपनी पारंपरिक व्यवस्था आज भी विद्यमान हैं जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा गया है, लेकिन समाज के लोग पीढ़ियों से इसका पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में लोग मिल-जुलकर पूजा-अर्चना करते हैं, विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं तथा सामूहिक रूप से पर्व-त्यौहार मनाते हैं। नृत्य, गीत-संगीत और सामूहिक उत्सवों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं। उन्होंने इस समृद्ध विरासत को संरक्षित रखने के लिए समाज के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति ने कहा कि संस्कृति, परंपरा, संविधान और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का मूल उद्देश्य समाज में सुख-शांति, आनंद और प्रेम बनाए रखना है। इस दृष्टि से आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था अत्यंत सुंदर और उत्कृष्ट है।

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति ने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था की सराहना की

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने आदिवासी समाज की पारंपरिक न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों में मांझी और अन्य पारंपरिक प्रमुखों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। परिवारों के बीच विवाद, जमीन-जायदाद से संबंधित समस्याएं अथवा आपसी मतभेद होने पर लोग मांझी के पास जाते हैं। मांझी गांव के लोगों को एकत्रित कर सभी पक्षों की बात सुनते हैं और आपसी सहमति से समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करते हैं।  उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में गांव के प्रमुख व्यक्तियों और बुजुर्गों की सहभागिता से सामूहिक निर्णय लेने की समृद्ध परंपरा रही है। इस व्यवस्था में पीड़ परगना और देश परगना जैसी पारंपरिक संस्थाओं का भी विशेष महत्व रहा है। गांव स्तर पर समाधान नहीं होने पर समस्याओं को पीड़ परगना और आवश्यकता पड़ने पर देश परगना के समक्ष रखा जाता था।

’आदिवासी समाज की एकता, सामूहिक जिम्मेदारी और आपसी विश्वास को दर्शाती है’

राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि पहले लगभग 50 से 52 गांवों को मिलाकर एक पीड़ की व्यवस्था हुआ करती थी। बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समाज के लोग कई दिनों तक सामूहिक बैठकें करते थे। कभी-कभी सात से आठ दिनों तक लगातार विचार-विमर्श चलता था और समाधान निकलने तक प्रयास जारी रहते थे। यह परंपरा आदिवासी समाज की एकता, सामूहिक जिम्मेदारी और आपसी विश्वास को दर्शाती है।

’आपसी संवाद और सहमति से विवादों का समाधान करने पर दिया जोर’

राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक न्यायिक व्यवस्था में समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस, थाना और न्यायालयों का सहारा लिया जाता है। कई मामलों में न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी हो जाती है और इसमें समय तथा धन दोनों खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विवादों के समाधान में दस-बीस या तीस वर्ष तक लग जाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि जहां संभव हो और कानून के अनुरूप हो, वहां समाज के लोग आपसी बातचीत, सहमति और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के माध्यम से विवादों का समाधान करने का प्रयास करें। उन्होंने मुरिया दरबार की इस ऐतिहासिक परंपरा को बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के अलग-अलग दायित्व हैं, जबकि आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था में मांझी सामाजिक नेतृत्व, विवाद समाधान और सामुदायिक निर्णयों से जुड़ी अनेक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति में आध्यात्मिकता, सामूहिकता और प्रकृति के प्रति आस्था का विशेष स्थान है। गांवों में ग्राम देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की प्राचीन परंपरा रही है। समाज के लोग एकजुट होकर गांव की सुख-समृद्धि, खुशहाली, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के पर्व-त्यौहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। समाज के लोग सामूहिक रूप से नाचते-गाते हैं, उत्सव मनाते हैं और खुशियां बांटते हैं। यही सामूहिकता आदिवासी संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन और राजाओं के समय आदिवासी समाज ने अपने अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।

’बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं, विकास के साथ संस्कृति का भी करें संरक्षण’

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने आदिवासी समाज से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ समाज को आगे बढ़ना आवश्यक है। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं, उन्हें पढ़ने-लिखने और जीवन में प्रगति करने का अवसर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि समय के साथ सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाना और विकास के नए अवसरों को अपनाना जरूरी है, लेकिन इसका अर्थ अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक पहचान को त्यागना नहीं होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास और सांस्कृतिक संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। आधुनिक शिक्षा, नई सोच और विकास के अवसरों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाजों और सामाजिक मूल्यों को सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने, पारंपरिक संस्थाओं का सम्मान करने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से परिचित कराने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के विकास और कल्याण के लिए सहयोग कर रही है तथा आगे भी करती रहेगी। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा, सामाजिक एकता और विकास के माध्यम से सशक्त बनने का आह्वान किया।

’मुरिया दरबार की परंपरा को जीवित रखने का किया आह्वान’

राष्ट्रपति ने मुरिया दरबार जैसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और सामूहिक मूल्यों से होती है। चाहे इन परंपराओं का उल्लेख सरकारी अभिलेखों में हो अथवा न हो, समाज के लोगों को अपनी सामाजिक संस्थाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था में आपसी भाईचारा, प्रेम, सद्भाव, सामाजिक न्याय और सुशासन की भावना निहित है। इन मूल्यों को बनाए रखना वर्तमान और भावी पीढ़ियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर के आदिवासी समाज से मिले स्नेह, सम्मान और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सभी के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई है। अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति आपका समर्पण प्रेरणादायक है।   इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

इस गरिमामयी अवसर पर बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष व सांसद श्री महेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्री बलराम मांझी, फरसपाल के मांझी श्री अर्जुन मांझी, हमीरगढ़ के मांझी श्री शशिभूषण मांझी और किलेपाल के श्री गंगाधर मांझी ने भी अपने विचार व्यक्त कर बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया। इस दौरान बस्तर राज परिवार के सदस्य श्री कमलचन्द्र भंजदेव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, एसपी श्री शलभ सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पारंपरिक मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरिन, नाइक-पाइक और बस्तर दशहरा समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Previous Post

मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न…

Next Post

निजी कार्यक्रम छोड़ केल्हारी बस दुर्घटना के घायलों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल….

News Desk

News Desk

Next Post
निजी कार्यक्रम छोड़ केल्हारी बस दुर्घटना के घायलों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल….

निजी कार्यक्रम छोड़ केल्हारी बस दुर्घटना के घायलों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल….

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

October 23, 2026
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

October 23, 2026
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज…..

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज…..

October 23, 2026
मनोज बाजपेयी ने ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों बदला गया फिल्म का नाम

मनोज बाजपेयी ने ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों बदला गया फिल्म का नाम

October 23, 2026

Recent News

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

October 23, 2026
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

October 23, 2026
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज…..

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज…..

October 23, 2026
मनोज बाजपेयी ने ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों बदला गया फिल्म का नाम

मनोज बाजपेयी ने ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों बदला गया फिल्म का नाम

October 23, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

October 23, 2026
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

October 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.