2018 में टेलीविजन के संस्कारी बाबू जी कहे जाने वाले आलोक नाथ पर मीटू (MeToo) का आरोप लगा था. निर्माता विनीता नंदा और एक्ट्रेस नवनीत निशान ने उन पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. 21 नवंबर 2018 को मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में आलोक नाथ के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. जनवरी 2019 में अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था. जेल से बाहर आने के बाद आलोक नाथ ने आरोपों को खारिज करते हुए मानहानि का केस किया.
मीटू आरोपों के बाद आलोक नाथ इंडस्ट्री से नदारद हो चुके हैं. शोबिज की दुनिया से दूर से वो गुमनामी भरी जिंदगी जी रहे हैं. उनके दोस्त और को-एक्टर कई बार उनके बारे में बात कर चुके हैं. अब टीवी की लोकप्रिय एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने उन्हें लेकर दुख जताया है.
मीटू पर बोलीं नारायणी
नारायणी शास्त्री से पूछा गया कि 2018 में जब तनुश्री दत्ता ने मीटू मूवमेंट शुरू किया, तो सब साथ आ गए थे. आपको लगता कि उसकी वैल्यू खत्म हो गई है. सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में एक्ट्रेस ने कहा कि गायब ही हो गया है मीटू. जिनके ऊपर आरोप लगे थे, उन्होंने अपना बिजनेस दोबारा शुरू कर दिया है. किसी का कुछ साबित नहीं हुआ है. ना ही कोई खुद को बेकसूर बता पाया है. कोई दोषी साबित नहीं हुआ है. एक लहर आई और चली गई.
नारायणी शास्त्री ने कहा कि अब लोग बस इतना डरते हैं कि कहीं कोई रिकॉर्ड तो नहीं कर रहा है. बस इतना ही. इसके बाद उन्होंने आलोक नाथ को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि आलोक नाथ हमारे साथ बहुत अच्छे थे. अगर आज मैं आपके सामने बैठी हूं और आपके साथ अच्छी हूं, लेकिन घर जाकर अपने कुत्तों को मारती हूं, तो आपको पता चलेगा. हमारे साथ आलोक जी बहुत अच्छे थे. हमारी इज्जत करते थे. बस थोड़ी ड्रिंक ज्यादा करते थे. पर ड्रिंक के बाद भी हमारी इज्जत करते थे. मैं ये जानती हूं. पचास साल पहले क्या हुआ था, ये मैं नहीं जानती. मैं सुनी-सुनाई बातों पर नहीं जाऊंगी. मैं दूसरे का सच नहीं जानती. लेकिन मैंने साढ़े चार साल उनके साथ शो में काम किया और एक भी बार उन्होंने किसी के साथ बदतमीजी नहीं की.
नारायणी शास्त्री के मुताबिक, आलोक नाथ बेकसूर हैं और उन्हें फंसाया गया है.













