नई दिल्ली
मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में इन विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ली. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा मौजूद रहे. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी अनिल एंटनी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में लहकमेन रिंबुई, पियुस मारवीन, किर्मेन शायला, मेयरलबोर्न सिएम, मैथ्यू कुरबाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुपार सिनरेम और सिनशार लिंगदोह थाबाह शामिल हैं।
यूडीपी के 12 में से 8 विधायक बीजेपी में हुए शामिल
इन 8 विधायकों के बीजेपी में जाने से मेघालय विधानसभा का गणित भी बदल गया है. 60 सदस्यों वाली विधानसभा में यूडीपी के कुल 12 विधायक थे. अब इनमें से 8 बीजेपी के साथ आ गए हैं. बीजेपी के पास पहले दो विधायक थे. अब उसकी संख्या बढ़कर 10 हो गई है. इसके साथ ही बीजेपी विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
UDP के दो विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार में मंत्री भी हैं. ऐसे में 8 विधायकों का पार्टी बदलना यूडीपी के लिए बड़ा बदलाव है।
दरअसल, इन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा कई दिनों से चल रही थी. 16 सितंबर को यूडीपी विधायक किर्मेन शायला ने खुद कहा था कि पार्टी के 8 विधायक बीजेपी में जाने का फैसला कर चुके हैं. उस समय उन्होंने यह भी कहा था कि यह संख्या 9 तक पहुंच सकती है।
शायला के मुताबिक, विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की थी. इसके बाद बीजेपी में शामिल होने का फैसला हुआ. विधायकों ने पार्टी बदलने से पहले अपनी कुछ मांगों पर पक्के आश्वासन की मांग की थी।
कोयला खनन और खासी भाषा की रखी मांग
इन विधायकों की प्रमुख मांगों में कोयला खनन से जुड़े नियमों में बदलाव शामिल है. इसके अलावा खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी रखी गई है. विधायकों का कहना था कि इन मांगों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले पूरा करने का आश्वासन दिया गया है. इसके बाद उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला पक्का किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधायकों ने मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करने की मांग भी रखी थी. इन मांगों पर केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद बीजेपी में शामिल होने का रास्ता साफ हुआ।
बीजेपी के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
दरअसल, 8 विधायकों के आने के बाद बीजेपी अब मेघालय विधानसभा में 10 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. इससे राज्य में पार्टी की विधानसभा मौजूदगी बढ़ी है. बीजेपी पहले से ही मेघालय की सरकार में सहयोगी है. अब यूडीपी के 8 विधायकों के पार्टी में आने से राज्य की राजनीति में बीजेपी की ताकत बढ़ी है. आने वाले समय में इसका असर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल 8 विधायकों का एक साथ बीजेपी में शामिल होना मेघालय की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है. इससे यूडीपी के अंदर भी नई स्थिति बन गई है. वहीं, बीजेपी अब 10 विधायकों के साथ विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
‘मोदी सरकार के काम से प्रभावित होकर बीजेपी में आए 8 विधायक’
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मेघालय के यूडीपी के 8 विधायकों का बीजेपी में स्वागत किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में पूर्वोत्तर और मेघालय में बड़ा बदलाव हुआ है. रिजिजू का कहना है कि पूर्वोत्तर के लोगों के साथ पीएम मोदी के जुड़ाव और विकास की राजनीति से ये सभी विधायक प्रभावित हुए हैं. बीजेपी सरकार के कामकाज से प्रभावित होकर सभी 8 विधायकों ने पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया है।












