Friday, August 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home विश्व

गाजा पर इजराइली मंत्री बेन-ग्विर का विवादित बयान, बोले- हर रात 30-40 लोगों को मारना चाहिए

News Desk by News Desk
August 18, 2026
in विश्व
0
गाजा पर इजराइली मंत्री बेन-ग्विर का विवादित बयान, बोले- हर रात 30-40 लोगों को मारना चाहिए
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

यरुशलम
 अक्तूबर 2023 में इजरायल पर हमास के हमले के बाद इजरायली सेना ने हमास की कमर तोड़ने के साथ ही गाजा पर बमबारी कर उसे खंडहर में तब्दील करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं अब  इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गठबंधन सरकार में शामिल एक कट्टरपंथी सांसद ने सार्वजनिक रूप से  गाजा में हर रात 30 से 40 लोगों को मारने की बात कही है। उनके इस बयान से बवाल मच गया है।  राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमर बेन-ग्विर की यह टिप्पणी  फलस्तीनी मीडिया में तेजी से प्रसारित हुई। 

गाजा में लोगों को निशाना बनाकर मारना चाहिए-बेन-ग्विर 
इतमर बेन-ग्विर ने गाजा में पूर्व में बंधक बनाए गए रोम ब्रास्लाव्स्की के पॉडकास्ट में यह बयान दिया। दोनों सात अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल के हालात पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान बेन-ग्विर ने गाजा में इजरायल के हालिया हवाई हमलों में कमी की आलोचना की। उन्होंने कहा, ''यह कोई रहस्य नहीं है कि मैं प्रधानमंत्री से असहमत हूं। मेरा मानना है कि गाजा में लोगों को निशाना बनाकर मारना चाहिए और हर रात 30 से 40 लोगों को निशाना बनाया जाना चाहिए। केवल उन लोगों को नहीं, जो तत्काल खतरा हैं, वहां कुछ ऐसे लोग भी हैं जो जीने के लायक नहीं हैं। उन्हें जीवित नहीं छोड़ना चाहिए।'' 

पहले भी विवादों में रहे हैं बेन-ग्विर के बयान
यह कोई पहली बार नहीं है जब बेन-ग्विर ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले भी वह और इस्राइल के दूसरे अधिकारियों ने ऐसे बयान दिए हैं और उनके बयानों की कड़ी आलोचना हो चुकी है। उनके कई बयानों को संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय अदालत में नरसंहार की मंशा के सबूत के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, इस्राइल इस आरोप से इनकार करता रहा है कि उसने गाजा में नरसंहार किया है।

7 अक्टूबर के हमले के बाद बढ़ी बेन-ग्विर की लोकप्रियता
2023 में हमास के हमले के बाद बेन-ग्विर जैसे नेताओं की इस्राइली समाज के एक हिस्से में लोकप्रियता बढ़ी है। उस हमले में चरमपंथियों ने करीब 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया था। कई बंधकों ने लंबे समय तक भूखे रहने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना तथा कुछ मामलों में यौन शोषण की बात बताई है।

सेना पर सीधे अधिकार नहीं, फिर भी प्रभावशाली
बेन-ग्विर के पास इस्राइली सेना पर कोई प्रत्यक्ष अधिकार नहीं है और वह गाजा में सैन्य हमलों का आदेश नहीं दे सकते। हालांकि, दशकों तक इस्राइल की अति-दक्षिणपंथी विचारधारा वाले गुटों के साथ काम करने के बाद वह अब देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं।

जेलों और पुलिस पर बेन-ग्विर का नियंत्रण
इस्राइल की सुरक्षा व्यवस्था के अहम हिस्सों पर बेन-ग्विर का खासा प्रभाव है। वह देश की जेलों और राष्ट्रीय पुलिस बल की जिम्मेदारी संभालते हैं। इन जेलों में गाजा और वेस्ट बैंक के हजारों फलस्तीनी कैदी बंद हैं। बेन-ग्विर पहले भी फलस्तीनी कैदियों के भोजन में कटौती की वकालत कर चुके हैं। इस्राइल की सर्वोच्च अदालत ने 2025 में फैसला दिया था कि बेन-ग्विर के नेतृत्व में जेल प्रशासन फलस्तीनी कैदियों को जिंदा रहने के लिए जरूरी भोजन भी उपलब्ध नहीं करा रहा था।

युद्धविराम के बाद भी गाजा में जारी रहे हमले
हाल तक इस्राइल लगभग हर दिन गाजा पर हमले कर रहा था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर में लागू हुए युद्धविराम समझौते के बाद से इन हमलों में 1,250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस्राइली सेना का कहना है कि उसके हमलों में हमास के लड़ाकों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद इस्राइल ने हमलों में कुछ नरमी बरती। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ, जब नेतन्याहू ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने की ट्रंप की हालिया कोशिश को ठुकरा दिया था।

हमलों का अधिकार सीमित होने से दक्षिणपंथी नाराज
इस्राइली मीडिया ने पिछले सप्ताह रिपोर्ट दी थी कि गाजा में हमले करने का अधिकार अब सेना के चीफ ऑफ स्टाफ तक सीमित कर दिया गया है। इस फैसले से बेन-ग्विर जैसे दक्षिणपंथी सांसदों में नाराजगी है।

बेन-ग्विर ने गाजा से फलस्तीनियों को हटाने की भी वकालत की
उसी रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू में बेन-ग्विर ने गाजा से फलस्तीनियों के बड़े पैमाने पर पलायन की वकालत की। अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार ऐसे प्रस्ताव को 'एथनिक क्लींजिंग' यानी नस्लीय सफाए के तौर पर देख सकते हैं। उन्होंने गाजा में इस्राइली बस्तियां दोबारा बसाने की भी बात कही।

'पूरे गाजा को अपना मानता हूं'
बीस साल पहले इस्राइल गाजा पट्टी से हट गया था। उस दौरान उसने 'गुश कातिफ' नाम की 21 यहूदी बस्तियों को खाली कराया और अपनी सेना को वहां से वापस बुला लिया था। बेन-ग्विर ने इंटरव्यू में कहा, 'मैं पूरे गाजा को अपना मानता हूं। सिर्फ गुश कातिफ में ही नहीं, बल्कि पूरे गाजा में बस्तियां बसाना, ज्यादा से ज्यादा लोगों को वहां से जाने के लिए प्रोत्साहित करना, उन्हें उनके देशों में भेजना और आतंकवादियों के लिए कोई पलायन नहीं, कुछ नहीं, बस उन्हें एक-एक करके मार डालना।' 

ट्रंप की योजना में हमास से हथियार छोड़ने की शर्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया प्रस्ताव में हमास के धीरे-धीरे हथियार छोड़ने और इस्राइली सेना के हमले रोककर गाजा से पीछे हटने की योजना शामिल है। हमास ने इस समझौते को स्वीकार कर लिया है, हालांकि उसने अपने सबसे भारी हथियार सौंपने की शर्त को फलस्तीनी राज्य के गठन से जोड़ दिया है। इस मांग को इस्राइल की मौजूदा सरकार और ज्यादातर इस्राइली राजनेता पूरी तरह खारिज करते हैं।

नेतन्याहू का रुख बना हुआ है सख्त
नेतन्याहू का कहना है कि जब तक हमास के हथियार पूरी तरह जब्त नहीं कर लिए जाते, तब तक इस्राइल गाजा में अपनी किसी भी स्थिति से पीछे नहीं हटेगा। इस रुख के कारण प्रस्तावित युद्धविराम के दूसरे पहलू भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय सेना की तैनाती और युद्ध से तबाह गाजा के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़े हैं।

इजरायल के प्रभावशाली नेताओं में हैं बेन-ग्विर 
बेन-ग्विर और अन्य इजरायली अधिकारियों के इस तरह के बयानों की पहले भी व्यापक स्तर पर आलोचना होती रही है। कई ऐसे बयानों को नरसंहार की मंशा के सबूत के तौर पर संयुक्त राष्ट्र की विश्व अदालत के समक्ष भी पेश किया गया है। हालांकि, इजरायल गाजा में नरसंहार के आरोपों से इनकार करता है। बेन-ग्विर के पास इजरायल की सेना को सीधे हमले का आदेश देने का अधिकार नहीं है, लेकिन वह देश के प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। वह इजरायल की जेलों और राष्ट्रीय पुलिस सहित सुरक्षा तंत्र के महत्वपूर्ण हिस्सों की जिम्मेदारी संभालते हैं। गाजा में जारी संघर्ष के बीच इजरायल के हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। वहीं, हमास के खिलाफ युद्ध को लेकर संघर्षविराम की कोशिशें भी जारी हैं।

गाजा योजना पर कुशनर ने हमास प्रमुख से की मुलाकात
अमेरिका के वार्ताकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने गाजा में संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के नए कूटनीतिक प्रयास के तहत रविवार को हमास प्रमुख से मुलाकात की। कुशनर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात करेंगे। इन वार्ताओं का उद्देश्य अमेरिका समर्थित 15 सूत्री योजना को आगे बढ़ाना है। इस योजना के तहत हमास को गाजा में हथियार छोड़ने और इजरायल को युद्ध से तबाह फलस्तीनी क्षेत्र से अपनी सेना वापस बुलाने की बात कही गई है। हमास के नेता खलील अल-हय्या के साथ कुशनर की इस दुर्लभ मुलाकात की पुष्टि एक क्षेत्रीय अधिकारी और हमास के एक अधिकारी ने की। दोनों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि उन्हें पत्रकारों से बात करने की अनुमति नहीं थी। कुशनर के अलावा मिस्र, कतर तथा तुर्किये के अधिकारियों ने भी अल-हय्या के साथ बैठक में हिस्सा लिया।

इस बीच दक्षिणी लेबनान में इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए इजरायली सैनिकों पर हमला किया, जिसमें तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए। इसके जवाब में इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकाने पर हमला किया। 

Previous Post

उत्तराखंड में ‘एक मंडी-एक गांव’ योजना की शुरुआत, अब किसानों को गांव में ही मिलेगा बाजार

Next Post

Thalapathy Vijay का किसानों को बड़ा तोहफा, ₹75 हजार तक का फसल कर्ज पूरी तरह माफ; 1.38 लाख किसानों को राहत

News Desk

News Desk

Next Post
BJP New Team: नितिन नवीन की नई टीम में बड़े बदलाव, बीजेपी ने दिए 5 बड़े सियासी संदेश

BJP New Team: नितिन नवीन की नई टीम में बड़े बदलाव, बीजेपी ने दिए 5 बड़े सियासी संदेश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें : धामी।

युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें : धामी।

August 21, 2026
Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

August 21, 2026
Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

August 21, 2026
मेरी बेटी-मेरा अभिमान, शौचालय से शुरू होगी हजारों बेटियों के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मविश्वास की नई कहानी….

मेरी बेटी-मेरा अभिमान, शौचालय से शुरू होगी हजारों बेटियों के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मविश्वास की नई कहानी….

August 21, 2026

Recent News

युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें : धामी।

युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें : धामी।

August 21, 2026
Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

August 21, 2026
Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

August 21, 2026
मेरी बेटी-मेरा अभिमान, शौचालय से शुरू होगी हजारों बेटियों के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मविश्वास की नई कहानी….

मेरी बेटी-मेरा अभिमान, शौचालय से शुरू होगी हजारों बेटियों के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मविश्वास की नई कहानी….

August 21, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें : धामी।

युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें : धामी।

August 21, 2026
Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

Uttarakhand News: घर वापसी का प्लान तैयार! पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, रोजगार के साथ रिवर्स पलायन पर फोकस,,,,

August 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.