Thursday, October 15, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home इंडिया

UNSC में 50 साल पहले मिली हार से आज की कूटनीतिक बढ़त तक, भारत के बदले वैश्विक समीकरण की कहानी

News Desk by News Desk
July 15, 2026
in इंडिया
0
UNSC में 50 साल पहले मिली हार से आज की कूटनीतिक बढ़त तक, भारत के बदले वैश्विक समीकरण की कहानी
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली
इस वक्त भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपनी दावेदारी मजबूत करने जा रहा है, जो बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य और राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. जब दुनिया पश्चिम एशिया तनाव और यूक्रेन युद्ध से जूझ रही है, भारत ने 2028-29 के लिए UNSC के अस्थायी सदस्य पद का चुनाव अभियान आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. साउथ एशिया की अहम धुरी बन चुका भारत आज एक मजबूर स्थिति में है, लेकिन 70 के दशक का वो दौर भी था, जब भारत को पाकिस्तानी कूटनीति के आगे हार माननी पड़ गई थी. दिसंबर 1971 की जीत के बाद भारत, दक्षिण एशिया का बड़ा खिलाड़ी बन चुका था. बांग्लादेश का बनना, पाकिस्तान की सेना की शर्मनाक हार और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आवाज ने ये उम्मीद पैदा कर दी थी कि अब भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी कम से कम प्रभावी अस्थायी स्थान बना लेगा पर हुआ कुछ अलग ही। 

1975 में, जब UN जनरल असेंबली ने 1976-77 के लिए नॉन-परमानेंट सदस्य चुनने की प्रक्रिया शुरू की, तो एशियाई ग्रुप की एक सीट पर फिर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी टक्कर हो गई. यहां नतीजा अलग रहा और भारत को रणनीतिक पीछे हटना पड़ा. पाकिस्तान ने उस वक्त ये सीट हासिल कर ली और यह घटना आज भी भारत की कूटनीतिक यादों में एक महत्वपूर्ण सबक के रूप में दर्ज है. खासकर जब भारत 2028-29 के लिए UNSC नॉन-परमानेंट सदस्यता और उसके साथ आने वाली अस्थायी प्रेसिडेंसी के लिए कैंपेन चला रहा है, तो भारत की ये चूक भूली नहीं जा सकती है. हम यूएनएससी की अस्थायी सदस्यता की ओर जैसे ही देखते हैं, तो 1975 की ये जियोपॉलिटिक्स जेहन में ताजा हो जाती है। 

क्या थे 1975 के हालात?
1971 की जंग के बाद पाकिस्तान टूटा हुआ और अपमानित महसूस कर रहा था. उसके पास परमाणु कार्यक्रम की दिशा में तेजी आई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समर्थन सीमित था. वहीं भारत, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में नॉन अलाइड मूवमेंट (NAM) में सक्रिय था और विकासशील देशों का चैंपियन बनने की कोशिश कर रहा था. UNSC में अस्थायी सदस्यता के लिए चुनाव हर दो साल में होते हैं. एशिया-पैसिफिक ग्रुप को आमतौर पर दो सीटें मिलती हैं, जिनमें से एक अरब या मुस्लिम देशों और दूसरी अन्य एशियाई देशों के बीच घूमती रहती है. 1975 में, मौजूदा सदस्यों में इराक का कार्यकाल खत्म हो रहा था. जनरल असेंबली के 30वें सत्र में 20-23 अक्टूबर को मतदान हुआ. अन्य क्षेत्रों की सीटें (अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, पूर्वी यूरोप) पहले ही तय हो चुकी थीं – बेनिन, लीबिया, पनामा और रोमानिया आसानी से चुने गए. अब बची सिर्फ एशियाई सीट, जहां भारत और पाकिस्तान मुख्य दावेदार थे. फिलीपींस ने भी शुरुआत में दावा किया लेकिन बाद में पीछे हट गया। 

8 राउंड चला चुनाव का ड्रामा
इसके लिए चुनाव की प्रक्रिया सरल नहीं थी, जिसमें कुल 8 राउंड हुए. UNGA में दो-तिहाई बहुमत जरूरी था, यानि कुल 140 से ज्यादा सदस्यों में से लगभग 93-94 वोट्स जरूरी थे. पहले राउंड में रोमानिया, दहोमे, पनामा और लीबिया आसानी से चुने गए. एशियाई सीट पर भारत को 60 वोट मिले, पाकिस्तान को 59, फिलीपींस को भी कुछ वोट मिले, जो पर्याप्त नहीं थे. फिर अगले राउंड्स में भी वोटिंग जारी रही. भारत और पाकिस्तान के बीच वोटों का अंतर करीब 10-20 का रहा. कुल 8 राउंड मतदान होने के बाद 23 अक्टूबर तक प्रक्रिया जारी रही. इस दौरान कूटनीतिक गतिविधियां भी चल रही थीं. कई देशों के प्रतिनिधियों ने अपील की कि एक देश पीछे हट जाए ताकि सहमति बन सके. कुवैत के प्रतिनिधि ने खासतौर पर अपील की और भविष्य में समर्थन का आश्वासन दिया. मिस्र, ईरान, अल्जीरिया, ईराक, थाईलैंड, मॉरिशस और अर्जेंटीना जैसे देशों ने भी यही अपील दोहराई और आखिरकार भारत के स्थायी प्रतिनिधि जयपाल ने नाम वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि भारत भविष्य के चुनाव में समर्थन की उम्मीद रखता है. इस पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि अखुंद ने भारत का शुक्रिया अदा किया और भविष्य में समर्थन का वादा किया. इस तरह आखिरी राउंड में पाकिस्तान को 123 वोट मिले और वह निर्विरोध चुना गया। 

क्यों 1975 में हार गया भारत?
    एशियाई ग्रुप में मुस्लिम और अरब देशों का ब्लॉक उस वक्त पाकिस्तान के पक्ष में मजबूत था. 1970 के दशक में OIC यानि ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन का प्रभाव बढ़ रहा था. कई अफ्रीकी-एशियाई देश भी पाकिस्तान को इस्लामिक सॉलिडैरिटी के नाम पर सपोर्ट कर रहे थे। 

    एक मसला ये भी था कि पाकिस्तान, अमेरिका और चीन के करीब था, जबकि भारत सोवियन यूनियन यानि रूस के साथ था. हालांकि NAM में भारत की स्थिति मजबूत थी, लेकिन UNGA में वोटिंग में कई छोटे देशों ने पाकिस्तान को प्राथमिकता दी।

    ऐसे में भारत ने लंबे संघर्ष से बचने के लिए पीछे हटने को ही बेहतर विकल्प माना. चूंकि 1975 में भारत आर्थिक चुनौतियों और आंतरिक इमरजेंसी से जूझ रहा था, ऐसे में वो UNSC सीट के लिए किसी भी लड़ाई में उलझने से बचना चाहता था। 

    इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी सीख ये था कि सभी देशों की ओर से जो भविष्य के समर्थन की बात कही गई, वो सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता थी, जो कभी नहीं हुआ. ये कदम भारत के लिए बड़ा सेटबैक बनकर उभरा। 

कल की चूक, आज की सीख
भारत अब G4 (भारत, जर्मनी, जापान, ब्राजील) के साथ स्थायी सदस्यता की मांग करता है, लेकिन अस्थायी सीट के लिए भी रोबस्ट कैंपेन जरूरी है. 1975 में भारत ने पीछे हटकर अपनी गरिमा बचाई थी लेकिन आज की स्थिति अलग है. भारत, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, पीसकीपिंग में सबसे बड़ा सहयोगी है और ग्लोबल साउथ की एक मजबूत आवाज है। 

SHANTI (Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity) जैसी पहल के साथ भारत न सिर्फ सीट जीतने, बल्कि UNSC के सुधार करने का नैरेटिव सेट कर रहा है. 1975 की वो रात UN हॉल में भारत के प्रतिनिधि के पीछे हटने के भाषण ने एक चैप्टर बंद कर दिया था, लेकिन कहानी अब भी जारी है. पाकिस्तान ने 1976-77 में अपनी सदस्यता का इस्तेमाल कश्मीर के मुद्दे को उठाने के लिए किया, जबकि भारत ने बाहर रहकर भी अपनी आवाज बनाए रखी. आज भी पाकिस्तान UNSC में है, वो 2025-26 का टर्म, और जुलाई 2025 में प्रेसीडेंसी ले चुका है, ऐसे में भारत को पिछली घटनाओं से सबक से सीखकर, मजबूत गठबंधनों और कूटनीति से आगे बढ़ना है। 

कुल मिलाकर 1975 की हार वाकई हार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक स्टॉप थी. आज 50 साल बाद भारत की बढ़ती वैश्विक हैसियत इस बात की गवाही है कि लंबे खेल में जो सही मंसूबे के साथ आगे बढ़ता है, वो जीतता है. UNSC की अस्थायी प्रेसिडेंसी सिर्फ एक कुर्सी नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने का प्लेटफॉर्म है. ऐसे में भारत को अब चूकना नहीं चाहिए। 

Previous Post

टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव, गौतम गंभीर के करीबी की विदाई लगभग तय

Next Post

24 साल बाद फिर आमने-सामने अर्जेंटीना-इंग्लैंड, वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में कौन मारेगा बाजी?

News Desk

News Desk

Next Post
24 साल बाद फिर आमने-सामने अर्जेंटीना-इंग्लैंड, वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में कौन मारेगा बाजी?

24 साल बाद फिर आमने-सामने अर्जेंटीना-इंग्लैंड, वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में कौन मारेगा बाजी?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

October 15, 2026
उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

October 15, 2026
उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

October 15, 2026
हिंदू से इस्लाम अपनाने वालों को OBC आरक्षण का लाभ मिलेगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट का अहम रुख

हिंदू से इस्लाम अपनाने वालों को OBC आरक्षण का लाभ मिलेगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट का अहम रुख

October 15, 2026

Recent News

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

October 15, 2026
उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

October 15, 2026
उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

October 15, 2026
हिंदू से इस्लाम अपनाने वालों को OBC आरक्षण का लाभ मिलेगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट का अहम रुख

हिंदू से इस्लाम अपनाने वालों को OBC आरक्षण का लाभ मिलेगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट का अहम रुख

October 15, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

October 15, 2026
उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

October 15, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.