Sunday, August 30, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home विश्व

सामने था भयंकर जल-प्रलय, स्कूल में थे 1,643 बच्चे… नेपाली शिक्षक ने ऐसे बचाई सबकी जान

News Desk by News Desk
August 30, 2026
in विश्व
0
सामने था भयंकर जल-प्रलय, स्कूल में थे 1,643 बच्चे… नेपाली शिक्षक ने ऐसे बचाई सबकी जान
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

काठमांडू 

नेपाल में जब पहाड़ों से पानी, मलबा और पत्थर तेजी से नीचे उतर रहे थे, तब नुवाकोट जिले की त्रिशूली घाटी के एक स्कूल में 1,643 बच्चे मौजूद थे. हालात बिगड़ते देख कुछ ही मिनटों में फैसला लेना था. बच्चों को स्कूल में रखा जाए या तुरंत बाहर निकाला जाए. प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बिना देर किए स्कूल खाली कराने का फैसला किया. यही फैसला बाद में 1,643 बच्चों की जान बचाने वाला साबित हुआ। 

बुधवार सुबह करीब 9:20 बजे दवाड़ी को एक दोस्त ने फोन किया. उसने बताया कि गांव नदी में बह चुका है और उन्हें तुरंत वहां से निकलने को कहा. दवाड़ी को पहले लगा कि त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल सुरक्षित है. तीन मंजिला पक्की इमारत नदी से करीब 60 मीटर ऊपर थी. लेकिन कुछ ही देर में हालात तेजी से बदलने लगे। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खतरे की आहट मिलते ही दवाड़ी ने बिना देर किए स्कूल की घंटी बजा दी. उन्होंने तुरंत शिक्षकों को सभी क्लासरूम खाली कराने को कहा. साथ ही बस ड्राइवरों को फोन करके गाड़ियां वहीं से वापस मोड़ने का निर्देश दिया, हालांकि एक बस को वे नहीं रोक पाए जो उस वक्त पुल पार कर रही थी. इधर खतरे को भांपकर बच्चे भी घबरा गए. एक बच्ची डर के मारे बेसुध होने लगी, जिसे फौरन बाइक से पहाड़ी की तरफ सुरक्षित भेजा गया. बाकी बच्चे पैदल ही ऊपर की ओर दौड़ पड़े, वहीं दवाड़ी सबसे पीछे रहे ताकि कोई बच्चा रास्ते में न छूट जाए. कुछ ही मिनटों में सभी बच्चे सुरक्षित ऊंचाई पर पहुंच चुके थे। 

फिर नदी ने निगल लिया पूरा स्कूल
सभी बच्चे ऊंचाई पर लगे एक बोधि पेड़ के नीचे पहुंचकर सांस ले ही रहे थे कि सैलाब ने स्कूल को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते पानी का तेज बहाव पूरी इमारत को बहा ले गया. जिस जगह थोड़ी देर पहले बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, वहां अब सिर्फ कीचड़, मलबा और पानी का खौफनाक मंजर था. दवाड़ी के समय रहते लिए गए फैसले ने 1,643 बच्चों और लगभग सभी शिक्षकों को सकुशल बचा लिया, लेकिन वे अपने दो साथियों को इस त्रासदी की भेंट चढ़ने से नहीं रोक सके। 

इतिहास पढ़ाने वाले 32 साल के शिक्षक संतोष परियार सुबह खाना बनाने के लिए नदी किनारे अपने किराए के कमरे में लौटे थे. इसी दौरान तेज बहाव उन्हें अपने साथ ले गया. स्कूल के चौकीदार सुल्तान लामा की भी मौत हो गई. वह स्कूल के दरवाजे बंद करने के लिए वापस गए थे। 

'मैं और क्या करता?'
बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद पूरा इलाका दवाड़ी को किसी फरिश्ते की तरह देख रहा है, लेकिन वे खुद इसे कोई बड़ा काम नहीं मानते. मलबे में तब्दील हो चुके स्कूल के पास खड़े होकर वे बस इतना ही कहते हैं कि 'उस वक्त मैं और करता भी क्या?'  उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रही थी कि पानी की मार से पहले मासूमों को महफूज़ जगह पहुंचाना है. चंद मिनटों में लिया गया उनका यही फैसला आज 1,643 घरों के चिराग बुझने से बचा गया। 

घटना यह भी बताती है कि आपदा के समय सिर्फ बड़ी मशीनें या राहत दल ही जान नहीं बचाते. सही समय पर मिली जानकारी को समझना, तुरंत फैसला लेना और लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। 

बर्फ और चट्टान टूटने से आई थी बाढ़
इस भीषण फ्लैश फ्लड की शुरुआत नेपाल-तिब्बत सीमा के पास पहाड़ों में हुई. लैंगटांग लिरुंग चोटी से बर्फ और चट्टान का बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर करीब 1,200 मीटर नीचे लेंडे नदी की ऊपरी घाटी में जा गिरा। 

इसके बाद पानी, बर्फ, पत्थर और मिट्टी का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ा. रास्ते में जो आया, वह उसकी चपेट में आता गया. गांव, सड़कें, पुल और बिजली से जुड़ी कई परियोजनाएं बर्बाद हो गईं. भू-आकृति विशेषज्ञ डैनियल शुगर ने अनुमान लगाया कि टूटकर नीचे गिरा बर्फ-चट्टान का हिस्सा करीब 50 एकड़ में फैला था. यह क्षेत्रफल लंदन के ग्रीन पार्क के लगभग बराबर बताया गया है। 

नेपाल पहले भी देख चुका है ऐसी त्रासदी
इस इलाके के लोगों के लिए पहाड़ों से आने वाली यह तबाही कोई नई बात नहीं है. अप्रैल 2015 में 7.8 तीव्रता के भयानक भूकंप ने दक्षिण एशिया में 8,962 लोगों की जान ले ली थी. उस वक्त भी भूकंप के बाद गिरे हिमस्खलन ने लांगटांग की पूरी 300 लोगों वाली बस्ती को मलबे के नीचे दफन कर दिया था. लांगटांग आज के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले में आता है. इस बार फिर उसी हिमालयी इलाके में अचानक आई बाढ़ ने लोगों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। 

फर्क सिर्फ इतना रहा कि त्रिशूली घाटी के एक स्कूल में खतरे की खबर समय रहते पहुंच गई. राजेंद्र दवाड़ी ने उस खबर को गंभीरता से लिया, बच्चों को तुरंत बाहर निकाला. पानी स्कूल तक पहुंचा, लेकिन तब तक वहां कोई बच्चा नहीं था. यही कुछ मिनटों का फैसला इस आपदा की सबसे बड़ी बची हुई कहानी बन गया। 

Previous Post

मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर! UDP के 9 और TMC के 4 विधायक BJP में जा सकते हैं

Next Post

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

News Desk

News Desk

Next Post

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 734 पहुंचा, बचाव अभियान के 5वें दिन भी हजारों लोग लापता

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 734 पहुंचा, बचाव अभियान के 5वें दिन भी हजारों लोग लापता

August 30, 2026
PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई पर भी बनी अहम सहमति

PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई पर भी बनी अहम सहमति

August 30, 2026
आतंकी नेटवर्क का नया सीक्रेट चैटिंग तरीका! पोर्न वेबसाइट्स के जरिए संदेश भेज रहे हैं हैंडलर्स

आतंकी नेटवर्क का नया सीक्रेट चैटिंग तरीका! पोर्न वेबसाइट्स के जरिए संदेश भेज रहे हैं हैंडलर्स

August 30, 2026
विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार, मछली पालन से सशक्त हुईं मनोरा और दुलदुला की महिलाएं, लाखों की आय से बदली जीवन की तस्वीर…..

विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार, मछली पालन से सशक्त हुईं मनोरा और दुलदुला की महिलाएं, लाखों की आय से बदली जीवन की तस्वीर…..

August 30, 2026

Recent News

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 734 पहुंचा, बचाव अभियान के 5वें दिन भी हजारों लोग लापता

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 734 पहुंचा, बचाव अभियान के 5वें दिन भी हजारों लोग लापता

August 30, 2026
PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई पर भी बनी अहम सहमति

PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई पर भी बनी अहम सहमति

August 30, 2026
आतंकी नेटवर्क का नया सीक्रेट चैटिंग तरीका! पोर्न वेबसाइट्स के जरिए संदेश भेज रहे हैं हैंडलर्स

आतंकी नेटवर्क का नया सीक्रेट चैटिंग तरीका! पोर्न वेबसाइट्स के जरिए संदेश भेज रहे हैं हैंडलर्स

August 30, 2026
विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार, मछली पालन से सशक्त हुईं मनोरा और दुलदुला की महिलाएं, लाखों की आय से बदली जीवन की तस्वीर…..

विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार, मछली पालन से सशक्त हुईं मनोरा और दुलदुला की महिलाएं, लाखों की आय से बदली जीवन की तस्वीर…..

August 30, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 734 पहुंचा, बचाव अभियान के 5वें दिन भी हजारों लोग लापता

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 734 पहुंचा, बचाव अभियान के 5वें दिन भी हजारों लोग लापता

August 30, 2026
PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई पर भी बनी अहम सहमति

PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, यूरेनियम सप्लाई पर भी बनी अहम सहमति

August 30, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.