Friday, August 28, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home राजनीति

अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल

News Desk by News Desk
August 28, 2026
in राजनीति
0
अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली
'डबल इंजन' के जिस नारे को बीजेपी अपनी सबसे बड़ी ढाल और जीत का पक्का फॉर्मूला मानती रही है, उसकी परतें अब उधड़ने लगी हैं. केंद्र की सत्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा आज भी विरोधियों पर भारी पड़ता दिख रहा है, लेकिन राज्यों के धरातल पर पार्टी का दूसरा इंजन पूरी तरह हांफ रहा है. इंडिया टुडे और सी-वोटर का ताजा 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) अगस्त 2026 सर्वे राजनीतिक विश्लेषकों की आंखें खोल देने वाले नतीजे लेकर आया है. आंकड़े चीख-चीखकर गवाही दे रहे हैं कि जिन राज्यों में 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का परचम फहराया था, वहां महज दो साल के भीतर पार्टी का जनाधार अप्रत्याशित रूप से खिसक चुका है। 

2024 के लोकसभा चुनाव में बहुमत से दूर रहने वाली भाजपा ने अपने आपको संभाला और फिर हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जबर्दस्त जीत हांसिल की. विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि का सहारा लेकर जिस ‘डबल इंजन’ को जनता ने समर्थन दिया, अब वही समर्थन कमजोर पड़ता दिख रहा है। 

आज देश में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो जाए, तो सर्वे के आंकड़े एनडीए को 326 सीटें और 45.1 प्रतिशत वोट शेयर देते हैं, जबकि विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन को 185 सीटें और 39.1 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. केवल बीजेपी के आंकड़े देखें तो पार्टी 261 सीटों और 39.0 प्रतिशत वोट शेयर के साथ संसद की सबसे बड़ी ताकत बनी रहेगी और 2024 के 240 सीटों के मुकाबले 21 सीटें ज्यादा हासिल करेगी. लेकिन इस तस्वीर का दूसरा पहलू बेहद चौंकाने वाला और बीजेपी के सिपहसालारों की नींद उड़ाने वाला है. इसी साल जनवरी 2026 के सर्वे में बीजेपी अपने दम पर 287 सीटें जीतती दिख रही थी, जो अगस्त 2026 में घटकर 261 पर आ गई है. यानी बीते महज छह महीनों के भीतर बीजेपी की झोली से 26 सीटें खिसक चुकी हैं, जो यह साबित करता है कि राज्यों में जनता का मिजाज बहुत तेजी से बदल रहा है और डबल इंजन का पहिया थमने लगा है। 

मध्य प्रदेश और ओडिशा: जहां बीजेपी के सबसे मजबूत किले ढह रहे हैं
सबसे ज्यादा आंखें खोल देने वाले आंकड़े उन राज्यों से आए हैं जिन्हें बीजेपी का अभेद्य गढ़ और जीत की गारंटी माना जाता था. मध्यप्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने 29 की 29 सीटें जीतकर इतिहास रचा था और विपक्ष का पूरी तरह सफाया कर दिया था. मगर अगस्त 2026 का सर्वे बताता है कि मध्यप्रदेश में बीजेपी की झोली से सीधे 8 सीटें गायब हो चुकी हैं और पार्टी महज 21 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. जनवरी 2026 के सर्वे में भी जहां पार्टी 26 सीटों पर थी, वहां छह महीने में ही 5 सीटें और कम हो गईं. पार्टी का वोट शेयर 2024 के 59.27 प्रतिशत से सीधा गिरकर 51.3 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि बीते चुनाव में शून्य पर लटकी कांग्रेस अब 8 सीटें झटकती दिख रही है और उसका वोट शेयर 32.44 प्रतिशत से उछलकर 43.3 प्रतिशत तक जा पहुंचा है। 

ओडिशा का सच तो और भी ज्यादा कड़वा है. जिस ओडिशा में 2024 के चुनाव में बीजेपी ने 21 में से 20 सीटें जीतकर नवीन पटनायक के दशकों पुराने साम्राज्य को ढहा दिया था, वहीं अब बीजेपी की साख दांव पर लगी है. सर्वे के अनुसार ओडिशा में बीजेपी की सीटें घटकर सिर्फ 12 रह सकती हैं, यानी पार्टी को 8 सीटों का सीधा नुकसान झेलना पड़ रहा है. जनवरी 2026 के 17 सीटों के अनुमान से तुलना करें तो भी छह महीने में पार्टी ने 5 सीटें गंवा दी हैं और उसका वोट शेयर 45.34 प्रतिशत से घटकर 43.0 प्रतिशत पर सिमट गया है। 

हिंदी पट्टी में सुलगता असंतोष और कमजोर पड़ते राज्य
बीजेपी की राजनीति की रीढ़ मानी जाने वाली हिंदी पट्टी के अन्य राज्यों में भी हालात बेहद चिंताजनक हैं. उत्तर प्रदेश में 2024 के चुनाव में बीजेपी 33 सीटों पर अटक गई थी. अगस्त 2026 के सर्वे में पार्टी को 34 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो भले ही 2024 से 1 सीट ज्यादा हो, लेकिन छह महीने पहले की तस्वीर से तुलना करने पर पैरों तले जमीन खिसक जाती है. जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के भीतर बीजेपी 44 सीटें जीतती दिख रही थी, जो अगस्त आते-आते सीधे 10 सीटें घटकर 34 पर आ चुकी हैं और एनडीए का वोट शेयर 43.69 प्रतिशत से गिरकर 41.7 प्रतिशत हो गया है। 

छत्तीसगढ़ की बात करें तो 2024 में 11 में से 10 सीटें हासिल करने वाली बीजेपी अब सिर्फ 7 सीटों पर सिमटती दिख रही है, यानी 3 सीटों की सीधी चपत लग रही है, जबकि कांग्रेस 1 सीट से बढ़कर 4 सीटों पर कब्जा जमाती नजर आ रही है. उत्तराखंड में सभी 5 सीटों पर काबिज बीजेपी को 1 सीट का नुकसान होकर 4 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं राजस्थान में बीजेपी 16 सीटों पर दिखाई दे रही है, जो 2024 की 14 सीटों से 2 ज्यादा जरूर है, लेकिन जनवरी 2026 के 18 सीटों के आंकड़े से 2 सीटें कम हो चुकी है। 

पश्चिम बंगाल की लहर का छलावा
देश भर में खिसकती जमीन के बीच पश्चिम बंगाल ही अकेला ऐसा राज्य बनकर उभरा है जहां बीजेपी के लिए चमत्कारिक आंकड़े सामने आए हैं. 2024 के चुनाव में जहां बीजेपी बंगाल की 42 सीटों में से सिर्फ 12 सीटें जीत पाई थी, वहीं अगस्त 2026 का सर्वे अनुमान लगा रहा है कि बीजेपी राज्य में 35 सीटें जीतकर तख्तापलट कर सकती है, यानी सीधे 23 सीटों का बंपर फायदा. बंगाल में बीजेपी का वोट शेयर 38.73 प्रतिशत से बढ़कर 46.2 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन का आंकड़ा 30 सीटों से गिरकर महज 7 सीटों पर सिमट रहा है। 

लेकिन क्या बंगाल का यह उछाल बीजेपी को राहत दे सकता है? आंखें खोल देने वाली सचाई यह है कि केवल एक राज्य के दम पर पूरे देश की राजनीतिक गिरावट की भरपाई नहीं की जा सकती. अगर बंगाल में बीजेपी को 23 सीटों की बढ़त मिल भी जाता है, तो मध्यप्रदेश में 8 सीटें, ओडिशा में 8 सीटें, छत्तीसगढ़ में 3 सीटें और उत्तर प्रदेश में जनवरी के मुकाबले गंवाई गई 10 सीटें मिलकर उस पूरी बढ़त को डकार जाती हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य पार्टी का वैचारिक और संगठनात्मक आधार हैं. बंगाल में स्थानीय विरोध या सत्ता-विरोधी लहर के कारण अस्थायी फायदा मिल सकता है, लेकिन हिंदी भाषी राज्यों में पार्टी के प्रति गहराता जनाक्रोश संगठन के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा खतरा है। 

'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे के ये आंकड़े साफ तौर पर संकेत दे रहे हैं कि देश का मतदाता अब आंख मूंदकर 'डबल इंजन' के झांसे में आने को तैयार नहीं है. केंद्र में नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत प्रभाव आज भी कायम है और लोग राष्ट्रीय मुद्दों पर उन पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन राज्यों की बीजेपी सरकारों की नाकामी, स्थानीय बेरोजगारी, महंगाई और प्रशासनिक सुस्ती ने जनता का मोहभंग कर दिया है. एक ताकतवर इंजन पूरी ट्रेन को खींचने की कोशिश तो कर सकता है, लेकिन अगर राज्यों का दूसरा इंजन पूरी तरह खराब हो जाए, तो गाड़ी को पटरी से उतरने में वक्त नहीं लगता। 

Previous Post

52 साल बाद वर्ल्ड कप के टॉप-5 में भारत, जानें महिला हॉकी में क्या बदल रहा है?

Next Post

6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

News Desk

News Desk

Next Post
6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

August 28, 2026
6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

August 28, 2026
अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल

अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल

August 28, 2026
52 साल बाद वर्ल्ड कप के टॉप-5 में भारत, जानें महिला हॉकी में क्या बदल रहा है?

52 साल बाद वर्ल्ड कप के टॉप-5 में भारत, जानें महिला हॉकी में क्या बदल रहा है?

August 28, 2026

Recent News

तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

August 28, 2026
6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

August 28, 2026
अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल

अपने ही गढ़ में कमजोर पड़ रही भाजपा, ‘डबल इंजन’ मॉडल पर उठे सवाल

August 28, 2026
52 साल बाद वर्ल्ड कप के टॉप-5 में भारत, जानें महिला हॉकी में क्या बदल रहा है?

52 साल बाद वर्ल्ड कप के टॉप-5 में भारत, जानें महिला हॉकी में क्या बदल रहा है?

August 28, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

तीसरी नहीं, अब चौथी मुंबई बसाने की तैयारी! पालघर में बनेगी Mumbai 4.0

August 28, 2026
6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

August 28, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.