Friday, October 16, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home विश्व

अफगानिस्तान ने बदला रास्ता, पाकिस्तान को अरबों डॉलर के व्यापार का झटका

News Desk by News Desk
July 20, 2026
in विश्व
0
अफगानिस्तान ने बदला रास्ता, पाकिस्तान को अरबों डॉलर के व्यापार का झटका
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

काबुल 
दिन हो या रात, पाकिस्तान एक ही सपना देखता है कि कैसे भारत को बर्बाद किया जाए। उसका यह सपना आज तक सपना ही है, लेकिन भारत के दोस्त ने पाकिस्तान को बर्बाद करना शुरू कर दिया है। दरअसल, पाकिस्तान के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका देते हुए अफगानिस्तान ने अपने ट्रांजिट व्यापार को पाकिस्तानी मार्गों से तेजी से दूर कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान-पाकिस्तान ट्रांजिट ट्रेड पिछले वित्तीय वर्ष में तेज गिरावट के साथ मात्र 367 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचा हुआ था।

रिपोर्ट में क्या है?
डॉन अखबार ने रविवार को प्रकाशित अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY-26) में दोनों देशों के बीच ट्रांजिट व्यापार मात्र 11,592 कंटेनर तक सिमट गया। यह हाल के वर्षों में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह गिरावट अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान द्वारा सुरक्षा कारणों से अफगानिस्तान के साथ सीमा बंद किए जाने से पहले ही शुरू हो चुकी थी।

दरअसल, तालिबान के सत्ता में लौटने से ठीक पहले का समय दोनों देशों के ट्रांजिट व्यापार के लिए स्वर्णिम रहा। वित्तीय वर्ष 2017 (FY-17) में ट्रांजिट ट्रैफिक लगभग 60500 कंटेनर था, जो FY-21 में बढ़कर करीब 89000 कंटेनर हो गया। इस दौरान व्यापार मूल्य लगभग 5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। बता दें कि यह बढ़ोतरी पाकिस्तान और अशरफ गनी सरकार के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक संबंधों के बावजूद हुई थी।

काबुल ने उस समय पाकिस्तानी बंदरगाहों (कराची और ग्वादर) को अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मुख्य रास्ता बनाए रखा। अफगान आयातकों को इन बंदरगाहों का उपयोग करने से नहीं रोका गया, ताकि कम परिवहन लागत पर सामान लाया जा सके और मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित किया जा सके। तालिबान के सत्ता संभालने के बाद भी शुरुआती दौर में ट्रेड में सुधार देखा गया। FY-23 में कंटेनर ट्रैफिक बढ़कर 1,02,886 तक पहुंच गया और कार्गो का कुल मूल्य 6.7 बिलियन डॉलर हो गया। लेकिन इसके बाद अचानक गिरावट शुरू हुई। FY-24 में वॉल्यूम घटकर 54,114 कंटेनर रह गया और FY-25 में यह और गिरकर 42,959 कंटेनर (कुल मूल्य 1.36 बिलियन डॉलर) हो गया।

गिरावट के कारण क्या है?
ट्रेड एनालिस्टों के अनुसार, अक्टूबर 2025 की सीमा बंदी ने गिरावट को तेज जरूर किया, लेकिन यह गिरावट काबुल की पहले से चल रही रणनीति का नतीजा है। अफगानिस्तान ने ईरानी मार्गों (चाबहार बंदरगाह समेत) की ओर तेजी से रुख किया और पाकिस्तानी बंदरगाहों पर अपनी निर्भरता कम कर दी। इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण अफगानिस्तान की पाकिस्तानी पोर्ट्स पर निर्भरता घटाने की दीर्घकालिक रणनीति मानी जा रही है। सुरक्षा चिंताओं, बार-बार सीमा विवाद और पाकिस्तान पर टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को समर्थन देने के आरोपों ने भी इस प्रक्रिया को तेज किया।

दोनों देशों पर क्या प्रभाव?
इस गिरावट से पाकिस्तान को सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। ट्रांजिट ट्रेड से मिलने वाला राजस्व, बंदरगाह शुल्क, परिवहन व्यवसाय और संबंधित नौकरियां प्रभावित हुई हैं। दूसरी ओर अफगानिस्तान को भी इस बदलाव की कीमत चुकानी पड़ रही है। ईरानी मार्ग लंबे और महंगे होने के कारण परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ गया है, जिसका बोझ सीधे अफगान उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है, खासकर पूर्वी और दक्षिणी अफगानिस्तान में। पख्तून बहुल इलाके, जो लंबे समय से पाकिस्तानी सामान और सीमा पार व्यापार पर निर्भर रहे हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, व्यावसायिक गतिविधियां कम होने से सीमा के दोनों ओर नौकरियां घटी हैं और परिवारों की आय प्रभावित हुई है। पाकिस्तान के बॉर्डर से लगे प्रांतों में मिलिटेंट हिंसा और अशांति भी जारी है, जिससे स्थिति और खराब हुई है। पाकिस्तान ने नवंबर 2022 में सीजफायर खत्म होने के बाद टीटीपी पर अफगान धरती से हमले कराने का आरोप लगाया है।

अब आगे क्या होगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान ट्रांजिट ट्रेड अपने पीक स्तर से तेजी से दूर जा चुका है। यह गिरावट 2025 की सीमा बंदी से पहले शुरू हुई थी और काबुल के वैकल्पिक मार्गों की ओर तेज शिफ्ट के कारण आगे भी जारी रहने की संभावना है। जानकारों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच विश्वास का माहौल नहीं बना और सुरक्षा व आर्थिक सहयोग पर ठोस बातचीत नहीं हुई, तो इस ट्रेड को फिर से पहले के स्तर पर लाना मुश्किल होगा। फिलहाल, पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा रणनीतिक और आर्थिक नुकसान साबित हो रहा है, जबकि अफगानिस्तान नई आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में लगा हुआ है।

Previous Post

मुख्य सचिव विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी बैठक ली….

Next Post

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

News Desk

News Desk

Next Post
पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ फेल? यूक्रेन फिर रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाएगा निशाना

ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ फेल? यूक्रेन फिर रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाएगा निशाना

October 16, 2026
यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

October 16, 2026
संघ समारोह में धनखड़ को न्योता, सियासी अटकलें तेज

संघ समारोह में धनखड़ को न्योता, सियासी अटकलें तेज

October 15, 2026
27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

October 15, 2026

Recent News

ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ फेल? यूक्रेन फिर रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाएगा निशाना

ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ फेल? यूक्रेन फिर रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाएगा निशाना

October 16, 2026
यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

October 16, 2026
संघ समारोह में धनखड़ को न्योता, सियासी अटकलें तेज

संघ समारोह में धनखड़ को न्योता, सियासी अटकलें तेज

October 15, 2026
27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

27 अक्टूबर से गैरसैंण में गूंजेंगे जनहित के मुद्दे, 31 विधायकों ने लगाए 426 सवाल।

October 15, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ फेल? यूक्रेन फिर रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाएगा निशाना

ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ फेल? यूक्रेन फिर रूसी तेल रिफाइनरियों को बनाएगा निशाना

October 16, 2026
यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

October 16, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.