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F-1/OPT छात्रों के लिए नया सवाल: क्या वीजा इरादा अब ग्रीन कार्ड में बाधा बनेगा?

News Desk by News Desk
May 24, 2026
in विश्व
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F-1/OPT छात्रों के लिए नया सवाल: क्या वीजा इरादा अब ग्रीन कार्ड में बाधा बनेगा?
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नई दिल्ली

 अमेरिका की US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने एक नई पॉलिसी मेमो की घोषणा की है, जिसके तहत देश में ग्रीन कार्ड चाहने वाले विदेशियों को अब अमेरिका की बजाय अपने देश से ही आवेदन करना होगा।

इस घोषणा में, USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने कहा, "यह पॉलिसी हमारे इमिग्रेशन सिस्टम को वैसे काम करने देती है, जैसा कि कानून का मकसद है, न कि इसमें मौजूद कमियों का फायदा उठाने को बढ़ावा देती है।"

उन्होंने कहा कि जब विदेशी अपने देश से आवेदन करते हैं, तो उन लोगों को ढूंढने और निकालने की जरूरत कम हो जाती है, जो रेजिडेंसी (रहने की अनुमति) न मिलने पर छिपकर अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से रहने लगते हैं।

एजेंसी ने एक बयान में कहा, "छात्र, अस्थायी कर्मचारी या टूरिस्ट वीजा पर आने वाले गैर-प्रवासी थोड़े समय के लिए और किसी खास मकसद से अमेरिका आते हैं। सिस्टम यही है कि जब उनका दौरा खत्म हो जाए तो वे वापस चले जाएं। उनका यह दौरा ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का पहला कदम नहीं बनना चाहिए।"

USCIS के नए मेमो का आपकी वर्कफोर्स के लिए क्या मतलब है?
21 मई, 2026 को USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे ग्रीन कार्ड आवेदनों की समीक्षा करते समय अधिक सख्त मानक लागू करें, जो USA के भीतर रहकर रहकर अप्लाई किए गए हैं।

अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया है कि U.S. में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना एक राहत का एक 'असाधारण' रूप है और इसे वीजा जारी करने की 'नियमित कांसुलर प्रक्रिया' की जगह लेने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था।

इस मेमो का मतलब है कि अमेरिका में काम करने वाले वो विदेशी नागरिक अपने वीजा का मकसद पूरा होने के बाद USA छोड़ देंगे, जिनके पास F-1 OPT/STEM OPT वीजा है। इस तरह का वीजा'नॉन-डुअल इंटेंट' (दोहरे इरादे वाला नहीं) माना जाता है।

वहीं, वे लोग जिन्हें वीजा से छूट (जैसे, ESTA) मिली हुई है, उन्हें U.S. के बाहर किसी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से 'एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस' के लिए आवेदन करना होगा।

ऐसा उन्हें तभी नहीं करना होगा, जब वे कोई 'असाधारण परिस्थिति' दिखा सकें। हालांकि, इस मेमो में 'असाधारण परिस्थिति' को परिभाषित नहीं किया गया है।

Memo में क्या कहा गया है?
USCIS के पास हमेशा से ग्रीन कार्ड के आवेदन को अस्वीकार करने का कानूनी अधिकार रहा है, भले ही आवेदक सभी शर्तों को पूरा करता हो। यानी यह अधिकार 'विवेक' (discretion) पर आधारित होता है।

यह मेमो इस बात की पुष्टि करता है कि इस अधिकार का प्रयोग अब और भी अधिक सोच-समझकर और सख्ती से किया जाना चाहिए।

अधिकारियों को मूल्यांकन करने के लिए नकारात्मक कारकों की सूची
आप्रवासन कानूनों का उल्लंघन, या किसी भी आप्रवासन दर्जे (status) की शर्तों का उल्लंघन
 किसी भी सरकारी एजेंसी के साथ धोखाधड़ी या झूठी गवाही के वर्तमान या पिछले मामले
देश में प्रवेश करने के बाद किया गया कोई भी ऐसा आचरण, जो उस वीजा के मूल उद्देश्य के अनुरूप न हों
शुरुआत में की गई उम्मीद के अनुसार देश छोड़कर न जाना। मेमो में इसे "इस विश्लेषण के लिए अत्यंत प्रासंगिक" बताया गया है।

इन कारकों को सख्त बनाने के लिए, मेमो ने एक बहुत ऊंचा मानक (high bar) तय किया है। आवेदकों को 'असामान्य या असाधारण' कारकों को दिखाना होगा, जिसमें पारिवारिक संबंध और नैतिक चरित्र शामिल हैं।

इसका अर्थ यह है कि सकारात्मक कारक इतने मजबूत होने चाहिए कि वे इस तथ्य पर भारी पड़ सकें कि आवेदक ने विदेश से आवेदन करने के बजाय U.S. में ही रुककर आवेदन करने का विकल्प चुना।

मेमो के लहजे को देखते हुए, यह उम्मीद की जा सकती है कि USCIS इस नियम को काफी सख्ती से लागू करेगा। आपकी वर्कफोर्स के लिए इसका क्या मतलब है?

कर्मचारी से ज्यादा HR को करना होगा काम  
HR और मोबिलिटी टीमों के लिए इसका मतलब ये हुआ कि ग्रीन कार्ड फाइलिंग में आपके कर्मचारियों से ज्यादा आपको मेहनत की जरूरत होगी। इसके लिए इमिग्रेशन वकीलों को पहले से ही ऐसी फाइलें तैयार करनी चाहिए, जो आवेदक के U.S. से जुड़ाव, उनके नियमों के पालन के रिकॉर्ड और उनके मामले को आगे क्यों बढ़ाया जाना चाहिए? इन बातों को दस्तावेजों में दर्ज करती हों।

हालांकि जांच-पड़ताल का स्तर बदल गया है। अब फाइलिंग को सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। वकीलों को अब हर I-485 आवेदन के लिए एक मजबूत तर्क देना होगा कि इस व्यक्ति को U.S. से बाहर जाने के बजाय, U.S. के अंदर से ही अपने ग्रीन कार्ड के लिए
आवेदन करने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए?

जिन लोगों के पास'नॉन-डुअल इंटेंट' वीजा है, उन्हें ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी। मेमो में अधिकारियों से कुछ बातों पर विचार करने को कहा गया है, जिनमें पारिवारिक जुड़ाव, इमिग्रेशन की स्थिति और इतिहास, आवेदक का नैतिक चरित्र शामिल हैं। इनमें से हर बात को सबूतों के साथ साबित करना होगा।

H-1B और L-1 कर्मचारी
इसका मतलब है कि भले ही H-1B और L-1 कर्मचारी लंबे समय से U.S. के भीतर अपनी स्थिति में बदलाव (adjustment of status) के लिए आवेदन कर पा रहे हैं, लेकिन अब वे यह नहीं मान सकते कि यह रास्ता अपने आप और सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही पूरा हो जाएगा।

अधिकारियों को ऐसे ठोस तर्क चाहिए, जिनसे यह साबित हो सके कि आवेदक U.S. में अपनी स्थिति में बदलाव के हकदार क्यों हैं। इन तर्कों में टैक्स का इतिहास, पारिवारिक परिस्थितियां, करियर में प्रगति, और U.S. में उनकी जड़ों से जुड़े अन्य सबूत शामिल हो सकते हैं।

उदाहरण से समझिए
एक F-1 OPT कर्मचारी कंप्यूटर साइंस में PhD पूरी करता है, एक टेक कंपनी में अपना STEM OPT पूरा करता है और यह तर्क देते हुए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करता है कि उसका काम 'राष्ट्रीय हित' में है।

मेरिट के आधार पर यह एक मजबूत मामला है, सिवाय इसके कि सालों पहले उसने एक दूतावास अधिकारी से कहा था कि उसकी योजना अपने देश वापस लौटने की है।

इस मेमो के तहत, अधिकारी अब यह पूछ सकते हैं कि उन्होंने असल में U.S. में ही रुकने का फ़ैसला कब किया और वे इस बात को उनके ग्रीन कार्ड आवेदन पर फैसला लेते समय ध्यान में रख सकते हैं।

हो सकता है कि उनका आवेदन पूरी तरह से रद न हो, लेकिन उन्हें अपने इस बदले हुए फ़ैसले के बारे में सीधे तौर पर सफाई देनी होगी और यह बताना होगा कि वे U.S. के भीतर ही अपनी स्थिति में बदलाव के लिए आवेदन क्यों कर रहे हैं?

EB-2 और EB-3 बैकलॉग मामले
वह कर्मचारी, जो EB-2 या EB-3 जो शायद एक दशक या उससे ज्यादा समय से ग्रीन वीजा की कतार में हैं। उनके लिए इस मेमो का ज़ोर 'इक्विटीज' (न्यायसंगत आधार) पर है।

ये ऐसे संकेत हैं कि आवेदक ने U.S. में अपना जीवन बसा लिया है और यह बात उनके पक्ष में काम करती है। U.S. के साथ गहरे और सकारात्मक संबंध, लंबे समय का रोज़गार इतिहास, यहीं पले-बढ़े बच्चे, संबंधित इमिग्रेशन कानूनों का लगातार पालन और ऐसे जीवनसाथी जिनका करियर U.S. में पहले से ही स्थापित है।

ये सभी इस बात के सबूत हो सकते हैं कि इस व्यक्ति को U.S. के भीतर से ही आवेदन करने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए? हालांकि, इन सबूतों का दस्तावेज़ीकरण (documentation) बहुत मजबूत होना चाहिए।

B-1, B-2, और ESTA यात्री
B-1, B-2, या ESTA वीजा पर आने वाले यात्रियों को इस मेमो के तहत सबसे ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि जब उन्होंने आवेदन किया था, तो उन्होंने एक कांसुलर अधिकारी को बताया था कि वे एक छोटी यात्रा के लिए आ रहे हैं और उसके बाद वापस चले जाएंगे।

इसके बाद, U.S. के भीतर से ही ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना आवेदक के खिलाफ जा सकता है, भले ही वह किसी वैध विवाह के मामले में ही क्यों न हों।
अब अधिकारियों को एक ऐसी बात के तौर पर देखने के लिए कहा जा रहा है, जो आवेदक के खिलाफ जा सकती है।

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