Sunday, September 6, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Jagat Anandeshwar Times
Advertisement
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य
No Result
View All Result
Jagat Anandeshwar Times
No Result
View All Result
Home इंडिया

यूरोप में ‘मेड इन इंडिया’ डीजल का जलवा, रूस-अमेरिका की घटती सप्लाई के बीच भारत बना बड़ा सप्लायर

News Desk by News Desk
September 6, 2026
in इंडिया
0
यूरोप में ‘मेड इन इंडिया’ डीजल का जलवा, रूस-अमेरिका की घटती सप्लाई के बीच भारत बना बड़ा सप्लायर
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली
 रूस से डीजल की आपूर्ति में भारी गिरावट और अमेरिका से यूरोप जाने वाली ईंधन की खेप में कमी के बीच यूरोप के लिए भारत डीजल के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में उभरा है। ऊर्जा और माल ढुलाई क्षेत्र के तत्काल आधार पर आंकड़े उपलब्ध कराने वाली कंपनी वॉर्टेक्सा के अनुसार, अगस्त में बाब-अल-मंदेब से यूरोप की ओर जाने वाले डीजल में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की रही।
आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में करीब दो लाख बैरल प्रतिदिन डीजल बाब-अल-मंदेब से होकर यूरोप भेजा गया। यह मात्रा एक साल पहले के स्तर के करीब है, जबकि मार्च और अप्रैल में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से डीजल की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती
भारत की रिफाइनरी इकाइयां अब यूरोप की डीजल आपूर्ति में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल शोधन (रिफाइनिंग) करने वाला देश है। उसकी स्थापित शोधन क्षमता 25.81 करोड़ टन सालाना है, जो घरेलू ईंधन मांग से अधिक है।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया था और वह दुनिया के प्रमुख शोधित पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यातकों में शामिल है। भारतीय ईंधन की मांग अब यूरोप के साथ-साथ रूस में भी बढ़ रही है। हालांकि, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की उपलब्धता हो सकती है।

प्रभावित हो सकती है डीजल की मात्रा
वॉर्टेक्सा के अनुसार, अगस्त में भारत में कच्चे तेल और कन्डनसेट की आवक लगातार दूसरे महीने घटकर करीब 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई, जबकि एक साल पहले यह करीब 48 लाख बैरल प्रतिदिन थी।

ऐसे में यदि कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बना रहता है तो भारतीय रिफाइनरी इकाइयों के पास निर्यात के लिए उपलब्ध अतिरिक्त डीजल की मात्रा भी प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, रूस से डीजल की आपूर्ति में भारी गिरावट बनी हुई है।

रूस का समुद्री डीजल घटा
अगस्त के पहले 25 दिन में रूस का समुद्री डीजल और गैसऑयल निर्यात औसतन केवल करीब 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। यह एक साल पहले की तुलना में करीब 6.1 लाख बैरल प्रतिदिन कम और पांच साल के औसत से 81 प्रतिशत नीचे है।
एक सितंबर से रूस के डीजल निर्यात प्रतिबंध में आंशिक ढील की उम्मीद थी, लेकिन इससे आपूर्ति में तत्काल सुधार की संभावना कम है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की रिफाइनरी इकाइयों और निर्यात ढांचे को लगातार प्रभावित किया है।

32 हमले दर्ज किए गए
जुलाई और अगस्त में रूस की रिफाइनरी पर 32 हमले दर्ज किए गए। करीब 2.6 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली पर्म रिफाइनरी पर हुए हमले के बाद उसकी परिचालन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है। रूस के डीजल निर्यात में ‘ब्लैक सी’ क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

पिछले साल रूस के कुल डीजल और गैसऑयल निर्यात का करीब 44 प्रतिशत यानी 3.8 लाख बैरल प्रतिदिन, इसी क्षेत्र से हुआ था। लेकिन बंदरगाहों और रिफाइनरी में व्यवधान के कारण यहां से उपलब्ध आपूर्ति घट गई है। मई में हुए हमले के बाद से तुआप्से बंदरगाह से किसी डीजल खेप का निर्यात नहीं हुआ।

यूरोप को रूस की कमी की भरपाई में अमेरिका से भी मदद मिली है, लेकिन अब वहां से आने वाली आपूर्ति भी कमजोर पड़ने लगी है। अगस्त में यूरोप के क्षेत्र के बाहर से आने वाले समुद्री डीजल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब आधी रही।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी साफ पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में फिलहाल ज्यादा राहत नहीं मिल रही है। अगस्त के पहले 27 दिन में एमआर2 या उससे बड़े टैंकर से साफ पेट्रोलियम उत्पादों की केवल 37 आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जुलाई में यह संख्या 55 और जून में 69 थी।

ओमान के तट के पास जहाज से जहाज में तेल स्थानांतरण जारी है, लेकिन इनमें ज्यादातर कच्चा तेल शामिल है। साफ पेट्रोलियम उत्पादों का यह कारोबार भी जून की तुलना में काफी घट गया है। ऐसे में यूरोप की डीजल आपूर्ति श्रृंखला पहले के मुकाबले अधिक सीमित स्रोतों पर निर्भर रह गई है।

रूस की आपूर्ति कमजोर बनी हुई है, अमेरिका से आने वाली खेप घट रही है और होर्मुज मार्ग से अतिरिक्त आपूर्ति सीमित है। इस स्थिति में यूरोप के लिए भारत डीजल की आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Previous Post

सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, पहली बार जीता चाइना मास्टर्स का खिताब

Next Post

दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: 4 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत; कई गंभीर

News Desk

News Desk

Next Post
दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: 4 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत; कई गंभीर

दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: 4 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत; कई गंभीर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

टी-20 टीम में बड़ा बदलाव: सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर बने नए कप्तान

June 5, 2026
Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज

June 15, 2026
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

November 25, 2025
मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटता आरोपी गिरफ्तार

June 28, 2026
राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

राम मंदिर में ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम, श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति

0
यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

यूपी चुनाव से पहले कांशीराम वाले अंदाज में लौटेंगी BSP चीफ मायावती, नोएडा से शुरू होगा चुनावी अभियान

0
मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

मुझसे नहीं होगा ये काम, नोएडा में SIR की ड्यूटी से परेशान महिला टीचर ने BLO पद से दिया इस्तीफा

0
मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी, ममता बनर्जी की बीजेपी को बड़ी चेतावनी, SIR पर भड़कीं

0
नारी शक्ति समाज की संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : पूर्णमति माताजी

नारी शक्ति समाज की संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : पूर्णमति माताजी

September 6, 2026

उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों को मिलेगी वैश्विक पहचान, सीएम धामी बोले- ‘लोकल टू ग्लोबल’ पर बढ़ाएं कदम

September 6, 2026
AI का नया कांड! OpenAI एजेंट्स ने इंसानों से छुपकर बनाई ‘सीक्रेट दुनिया’, वेबसाइट पर किया कब्जा

AI का नया कांड! OpenAI एजेंट्स ने इंसानों से छुपकर बनाई ‘सीक्रेट दुनिया’, वेबसाइट पर किया कब्जा

September 6, 2026
24 अक्टूबर से सजेगा 10 दिवसीय उत्तराखंड कौथिग, रेंजर्स कॉलेज मैदान में जुटेगा गढ़वाली समाज

24 अक्टूबर से सजेगा 10 दिवसीय उत्तराखंड कौथिग, रेंजर्स कॉलेज मैदान में जुटेगा गढ़वाली समाज

September 6, 2026

Recent News

नारी शक्ति समाज की संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : पूर्णमति माताजी

नारी शक्ति समाज की संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : पूर्णमति माताजी

September 6, 2026

उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों को मिलेगी वैश्विक पहचान, सीएम धामी बोले- ‘लोकल टू ग्लोबल’ पर बढ़ाएं कदम

September 6, 2026
AI का नया कांड! OpenAI एजेंट्स ने इंसानों से छुपकर बनाई ‘सीक्रेट दुनिया’, वेबसाइट पर किया कब्जा

AI का नया कांड! OpenAI एजेंट्स ने इंसानों से छुपकर बनाई ‘सीक्रेट दुनिया’, वेबसाइट पर किया कब्जा

September 6, 2026
24 अक्टूबर से सजेगा 10 दिवसीय उत्तराखंड कौथिग, रेंजर्स कॉलेज मैदान में जुटेगा गढ़वाली समाज

24 अक्टूबर से सजेगा 10 दिवसीय उत्तराखंड कौथिग, रेंजर्स कॉलेज मैदान में जुटेगा गढ़वाली समाज

September 6, 2026

जगत आनंदेश्वर टाइम्स एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र है, जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। यह समाचार पत्र भारत सरकार के आरएनआई (RNI) एवं डीएवीपी (DAVP) से पंजीकृत है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को दर्शाता है।

Follow Us

Browse by Category

  • अन्य
  • इंडिया
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • दिल्ली NCR
  • बिजनेस
  • बिहार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विश्व
  • शिक्षा

Recent News

नारी शक्ति समाज की संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : पूर्णमति माताजी

नारी शक्ति समाज की संस्कृति और संस्कारों की संवाहक : पूर्णमति माताजी

September 6, 2026

उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों को मिलेगी वैश्विक पहचान, सीएम धामी बोले- ‘लोकल टू ग्लोबल’ पर बढ़ाएं कदम

September 6, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली NCR
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • झारखंड
    • गुजरात
    • छतीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू & कश्मीर
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
    • धर्म
    • हेल्थ
    • फूड
    • फैशन
    • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • खेल
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो
  • अन्य

© 2026 Jagat Anandeshwar Times - All Rights Reserved.