उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 25 वर्ष’ अभियान के तहत होने वाली इन प्रतियोगिताओं में प्रदेश के 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे।
विद्यालयी, संस्कृत, तकनीकी और उच्च शिक्षा संस्थानों में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र-छात्राएं चित्रकला और भाषण के जरिए विकसित भारत को लेकर अपने विचार, सपने और संकल्प सामने रखेंगे।
चारों शिक्षा विभाग मिलकर कराएंगे आयोजन
विद्यालयी, संस्कृत, तकनीकी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मंगलवार को अपने शासकीय आवास पर चारों विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के दौरान उत्कृष्ट चित्रों और रचनात्मक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
जिला और राज्य स्तर पर होगा प्रतिभाओं का चयन
प्रतियोगिताओं के बाद विद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों का चयन करेंगे। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री सम्मानित करेंगे।
हर शिक्षण संस्थान तक पहुंचेगा अभियान
डॉ. धन सिंह रावत ने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़ी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने चारों शिक्षा विभागों को आपसी समन्वय से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक शिक्षण संस्थान तक अभियान की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, सचिव विद्यालयी शिक्षा डॉ. ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज और निदेशक माध्यमिक शिक्षा वीपी सिमल्टी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।













